कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) जल्द लॉन्च करेगा अपनी नई डिजिटल सेवा ‘EPFO 3.0’, जिससे करोड़ों कर्मचारियों के लिए PF से जुड़ी प्रक्रियाएं और भी आसान हो जाएंगी। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य डॉ. संजीव सान्याल ने इस बड़े बदलाव की जानकारी दी है। बताया गया है कि यह अपडेट 2025 में लागू किया जाएगा और इससे देशभर के 8 करोड़ से अधिक कर्मचारियों को फायदा मिलेगा।
नई सेवा के तहत EPFO अपने सदस्यों को मोबाइल ऐप, डिजिटल डैशबोर्ड और UPI पेमेंट जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। इससे न केवल PF निकालने की प्रक्रिया सरल होगी, बल्कि क्लेम करने, जानकारी अपडेट करने और ट्रांजैक्शन ट्रैक करने में भी आसानी होगी।

ATM और UPI से PF निकालने की नई सुविधा
‘EPFO 3.0’ के तहत सब्सक्राइबर्स को एक स्पेशल ATM कार्ड दिया जाएगा, जो उनके PF अकाउंट से लिंक रहेगा। इस कार्ड की मदद से कर्मचारी किसी भी ATM मशीन से सीधे अपने PF खाते से कैश निकाल सकेंगे।
वहीं, UPI के ज़रिए पैसा निकालने के लिए सब्सक्राइबर्स को अपने PF अकाउंट को UPI ID से लिंक करना होगा। इसके बाद वे अपने PF का पैसा सीधे बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर सकेंगे, जिससे जरूरत पड़ते ही तुरंत फंड मिल जाएगा।
EPFO 3.0 का उद्देश्य कर्मचारियों को तेज़, सुरक्षित और डिजिटल सुविधा प्रदान करना है, ताकि भविष्य निधि का पैसा वाकई उनके भविष्य और आपातकाल दोनों में मददगार साबित हो सके।
नौकरी जाने पर PF से मिल सकेगा सहारा: एक महीने बाद निकाल सकेंगे 75% रकम
EPFO के नियमों के अनुसार, अगर किसी कर्मचारी की नौकरी चली जाती है, तो वह एक महीने बाद अपने PF अकाउंट से 75% तक की रकम निकाल सकता है। यह सुविधा बेरोजगारी की स्थिति में आर्थिक मदद के लिए दी गई है, ताकि सदस्य अपनी जरूरी जरूरतें पूरी कर सकें।
वहीं, बाकी 25% रकम भी सदस्य दो महीने बाद अपने PF अकाउंट से पूरी तरह निकाल सकते हैं। इस तरह, नौकरी छूटने की स्थिति में EPFO अपने सब्सक्राइबर्स को एक सुरक्षित और लचीला वित्तीय विकल्प प्रदान करता है।
PF निकासी पर इनकम टैक्स के नियम: 5 साल की सेवा पूरी होने पर नहीं देना होगा टैक्स
यदि कोई कर्मचारी कुल 5 साल या उससे अधिक समय तक किसी कंपनी या कई कंपनियों में मिलाकर काम करता है और उसके बाद PF की निकासी करता है, तो उस पर इनकम टैक्स नहीं लगता।
यह जरूरी नहीं कि कर्मचारी ने पूरे 5 साल एक ही कंपनी में काम किया हो — अलग-अलग कंपनियों में नौकरी बदलते हुए भी यदि उसकी कुल सेवा अवधि 5 साल या उससे अधिक हो जाती है, तो PF निकासी पूरी तरह टैक्स-फ्री होती है।
लेकिन, अगर सेवा अवधि 5 साल से कम है, तो PF निकासी पर इनकम टैक्स लागू होगा।





