भारत की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल की सर्विस ने देशभर के करोड़ों यूजर्स की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पिछले 24 घंटों से एयरटेल का नेटवर्क डाउन चल रहा है। कई जगह फोन कॉल नहीं हो पा रही, मोबाइल इंटरनेट स्लो है और कई यूजर्स को सिग्नल तक नहीं मिल रहे। कुछ लोगों ने तो UPI ट्रांजैक्शन फेल होने की शिकायत भी की है।
देशभर में नेटवर्क ठप, सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा
DownDetector वेबसाइट के मुताबिक, एयरटेल की सर्विस में गड़बड़ी 10 अक्टूबर की शाम 7 बजे से शुरू हुई थी। सबसे ज्यादा शिकायतें 11 अक्टूबर की शाम 6:30 बजे सामने आईं, जब नेटवर्क से जुड़ी करीब 40 रिपोर्ट्स एक साथ दर्ज की गईं।
डेटा के अनुसार—
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57% यूजर्स को मोबाइल इंटरनेट में दिक्कत हुई।
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35% यूजर्स को “नो सिग्नल” की समस्या रही।
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जबकि 9% यूजर्स ने वॉयस कॉल्स को लेकर शिकायतें कीं।
सोशल मीडिया पर भी यूजर्स ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। एक यूजर ने लिखा,
“आपके नेटवर्क में आखिर दिक्कत क्या है? बूस्टर टावर से कुछ ही मीटर की दूरी पर हूं, फिर भी एक ट्वीट तक नहीं भेज पा रहा।”
दो महीने में दूसरी बार ठप हुई सर्विस
यह पहली बार नहीं है जब एयरटेल की सर्विस में रुकावट आई हो। 18 अगस्त 2025 को भी यूजर्स ने नेटवर्क आउटेज, कॉल ड्रॉप्स और डेटा स्लो स्पीड की शिकायतें की थीं। तब कंपनी ने कहा था कि,
“हम नेटवर्क आउटेज की समस्या से वाकिफ हैं। हमारी टीम सर्विस बहाल करने में जुटी है। हुई असुविधा के लिए खेद है।”
हालांकि, इस बार 24 घंटे बीतने के बाद भी कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, जिससे यूजर्स में नाराजगी और बढ़ गई है।
एयरटेल के बिजनेस आंकड़े: मुनाफा बढ़ा, लेकिन सर्विस पर सवाल
तकनीकी दिक्कतों के बावजूद एयरटेल के फाइनेंशियल आंकड़े मजबूत रहे हैं। वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में कंपनी ने ₹7,422 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया है, जो सालाना आधार पर 57% ज्यादा है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹4,718 करोड़ था।
राजस्व में भी 28% की वृद्धि दर्ज की गई है — कंपनी ने ₹49,463 करोड़ का रेवेन्यू जनरेट किया, जबकि पिछले साल यह ₹38,506 करोड़ था।
एयरटेल के बिजनेस सेगमेंट्स का परफॉर्मेंस
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होम्स बिजनेस: राजस्व में 25.7% की वृद्धि, 9.39 लाख नए ग्राहक जुड़े।
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एयरटेल बिजनेस: राजस्व में 7.7% की गिरावट।
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डिजिटल टीवी: सालाना आधार पर 1.8% की कमी।
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मोबाइल सर्विस: राजस्व में 21.6% की वृद्धि, जो बढ़ते ARPU और स्मार्टफोन यूजर्स की वजह से संभव हुआ।
कंपनी का ARPU (Average Revenue Per User) ₹250 तक पहुंच गया है, जो पिछले साल ₹211 था — यानी 18.4% की बढ़ोतरी।
स्मार्टफोन डेटा यूजर्स और खपत
एयरटेल के स्मार्टफोन डेटा यूजर्स की संख्या बढ़कर 2.13 करोड़ हो गई है, जो तिमाही आधार पर 39 लाख अधिक है।
डेटा की खपत भी तेजी से बढ़ी है — अब एक ग्राहक औसतन 26.9GB प्रति माह डेटा उपयोग कर रहा है, जो पिछले साल के मुकाबले 21.6% ज्यादा है।
निष्कर्ष
एयरटेल ने जहां वित्तीय रूप से मजबूत प्रदर्शन किया है, वहीं नेटवर्क से जुड़ी लगातार समस्याओं ने कंपनी की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। देशभर में यूजर्स उम्मीद कर रहे हैं कि एयरटेल जल्द ही सर्विस को सामान्य करे और इस बार समस्या की स्पष्ट वजह और समाधान की जानकारी सार्वजनिक करे।





