नई दिल्ली: नौकरीपेशा लोगों के लिए सोमवार का दिन बेहद राहतभरा साबित हुआ। एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (EPFO) ने अपने नियमों में ऐतिहासिक बदलाव करते हुए कर्मचारियों को अब उनके EPF खाते से पूरी राशि निकालने की अनुमति दे दी है। यह फैसला 13 अक्टूबर को हुई सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने की। इस मीटिंग में कई अहम निर्णय लिए गए, जो सीधे तौर पर करोड़ों कर्मचारियों को फायदा पहुंचाने वाले हैं।
1. अब 100% निकासी की सुविधा
EPFO ने पुराने 13 जटिल नियमों को खत्म कर केवल तीन कैटेगरी में निकासी के नए नियम बनाए हैं —
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आवश्यक जरूरतें (शिक्षा, शादी, बीमारी)
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हाउसिंग जरूरतें (मकान से जुड़े खर्चे)
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विशेष परिस्थितियां
अब कर्मचारी अपने PF खाते की पूरी राशि (कर्मचारी और नियोक्ता दोनों हिस्से सहित) निकाल सकेंगे।
पहले शिक्षा और शादी के लिए सीमित बार निकासी की अनुमति थी, लेकिन अब शिक्षा के लिए 10 बार और शादी के लिए 5 बार निकासी की जा सकेगी। साथ ही, न्यूनतम सेवा अवधि को घटाकर 12 महीने कर दिया गया है।
2. बिना कारण बताए निकासी की सुविधा
पहले विशेष परिस्थितियों में निकासी के लिए कारण बताना जरूरी होता था, जिससे क्लेम रिजेक्ट हो जाते थे। अब यह नियम खत्म कर दिया गया है। कर्मचारी अब बिना कोई कारण बताए निकासी कर सकते हैं।
3. खाते में 25% मिनिमम बैलेंस जरूरी
EPFO ने यह भी तय किया है कि हर सदस्य के खाते में कम से कम 25% राशि बनी रहनी चाहिए। इससे उन्हें 8.25% ब्याज दर और कंपाउंड इंटरेस्ट का फायदा मिलता रहेगा, जिससे रिटायरमेंट के समय बेहतर फंड तैयार होगा।
4. ऑटो सेटलमेंट प्रक्रिया और आसान
अब निकासी के लिए किसी दस्तावेज की जरूरत नहीं होगी। पूरा प्रोसेस ऑटोमैटिक किया जा रहा है ताकि क्लेम्स का निपटारा तेजी से हो सके। साथ ही, फाइनल सेटलमेंट की अवधि को 2 महीने से बढ़ाकर 12 महीने, और पेंशन निकासी की अवधि को 36 महीने कर दिया गया है।
5. ‘विश्वास योजना’ से जुर्माने में राहत
EPFO ने लंबित मामलों और भारी जुर्मानों को कम करने के लिए ‘विश्वास योजना’ की घोषणा की है। इसके तहत PF जमा में देरी होने पर जुर्माने की दर घटाकर 1% प्रति माह कर दी गई है।
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2 महीने तक की देरी: 0.25% जुर्माना
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4 महीने तक की देरी: 0.50% जुर्माना
यह योजना 6 महीने तक चलेगी, और जरूरत पड़ने पर इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
6. पेंशनर्स के लिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट सुविधा
EPFO ने इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के साथ समझौता किया है, जिसके तहत EPS-95 पेंशनर्स अब घर बैठे डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) जमा कर सकेंगे। यह सेवा पूरी तरह मुफ्त होगी और EPFO इसका खर्च खुद उठाएगा। इससे खास तौर पर ग्रामीण इलाकों के बुजुर्गों को बड़ी राहत मिलेगी।
7. EPFO 3.0: डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की नई दिशा
EPFO ने अपनी सेवाओं को और आधुनिक बनाने के लिए ‘EPFO 3.0’ फ्रेमवर्क को मंजूरी दी है। इसमें क्लाउड-बेस्ड टेक्नोलॉजी, मोबाइल ऐप, और ऑटो-क्लेम सेटलमेंट जैसी हाई-टेक सुविधाएं शामिल होंगी। इससे 30 करोड़ से ज्यादा सदस्यों को तेज, पारदर्शी और डिजिटल सेवाएं मिलेंगी।
8. फंड मैनेजमेंट सिस्टम में सुधार
EPFO बोर्ड ने अपने डेट पोर्टफोलियो के लिए चार नए फंड मैनेजर्स नियुक्त किए हैं, जिन्हें 5 साल की अवधि के लिए चुना गया है। इसका उद्देश्य निवेश को और सुरक्षित व विविध बनाना है, जिससे कर्मचारियों को PF पर बेहतर रिटर्न मिल सके।
श्रम मंत्री ने की नई पहल की शुरुआत
मीटिंग के दौरान श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने कई डिजिटल योजनाओं का शुभारंभ भी किया। इन नई पहलों से EPFO की सेवाएं और पारदर्शी, तेज और यूजर-फ्रेंडली बनेंगी।
इन फैसलों के बाद EPFO का यह कदम नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। अब कर्मचारी न केवल अपने EPF फंड तक पूरी पहुंच पा सकेंगे, बल्कि डिजिटल सुविधाओं के जरिए हर प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक आसान और पारदर्शी हो गई है।





