एयरटेल और जियो से काफी पीछे BSNL

On: September 27, 2025

एयरटेल और जियो से काफी पीछे BSNL:

नई दिल्ली: देश की प्रमुख सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL लंबे समय से निजी ऑपरेटरों के मुकाबले पीछे चल रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल ही में 6G नेटवर्क का रोडमैप लॉन्च कर दिया है और उम्मीद जताई जा रही है कि 2030 तक भारत में 6G सर्विस शुरू हो जाएगी।

लेकिन इस मामले में BSNL काफी पीछे है। कंपनी अभी 4G नेटवर्क के साथ-साथ 5G सर्विस लॉन्च करने की तैयारी में है, जबकि निजी ऑपरेटर एयरटेल और जियो ने 2022 में ही देश में 5G सर्विस शुरू कर दी थी।

BSNL की पीछे छूटने की वजहें

  1. प्रारंभिक मंजूरी में देरी:
    साल 2000 में स्थापना के बाद BSNL के अधिकारी जल्दी से मोबाइल सर्विस शुरू करना चाहते थे, लेकिन उन्हें जरूरी सरकारी मंजूरी नहीं मिली।

  2. सरकारी सहमति का अभाव:
    2006 से 2012 तक BSNL की क्षमता में सिर्फ मामूली वृद्धि हुई, जबकि निजी ऑपरेटर इस दौरान काफी आगे निकल गए।

  3. नेटवर्क कंजेशन और ग्राहकों का पलायन:
    नेटवर्क की खराब स्थिति और कंजेशन के कारण लोग BSNL छोड़कर प्राइवेट ऑपरेटरों की ओर चले गए।

  4. 3G और 4G स्पेक्ट्रम में पीछे रहना:

    • 2010 में 3G स्पेक्ट्रम की नीलामी में सरकारी कंपनी होने की वजह से BSNL ने हिस्सा नहीं लिया।

    • 4G स्पेक्ट्रम की नीलामी में भी BSNL को बाहर रखा गया।

    • इसके कारण निजी कंपनियों ने 5G सर्विस पहले ही रोलआउट कर दी।

  5. वायमैक्स और आर्थिक दबाव:
    BSNL को वायमैक्स तकनीक पर आधारित ब्रॉडबैंड वायरलेस ऐक्सेस (BWA) स्पेक्ट्रम के लिए भारी रकम खर्च करनी पड़ी, जिससे कंपनी की आर्थिक स्थिति पर असर पड़ा।

  6. लैंडलाइन कनेक्शन में गिरावट:
    देश में मोबाइल क्रांति के कारण लैंडलाइन कनेक्शन तेजी से घटे। 2006-07 में BSNL के 3.8 करोड़ लैंडलाइन ग्राहक थे, जो 2014-15 में 1.6 करोड़ रह गए।

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