ओपनAI ने स्पेसX को पछाड़ा: वैल्यूएशन 500 बिलियन डॉलर, जबकि स्पेसX 400 बिलियन डॉलर पर

On: October 2, 2025

ओपनAI बनी दुनिया की सबसे बड़ी स्टार्टअप, स्पेसX को पीछे छोड़ा

चैटGPT बनाने वाली कंपनी ओपनAI अब वैल्यूएशन के मामले में इलॉन मस्क की स्पेसX से आगे निकल गई है। हाल ही में हुई एक डील के बाद कंपनी का वैल्यूएशन 500 बिलियन डॉलर (लगभग 44.3 लाख करोड़ रुपए) आंका गया, जबकि स्पेसX की वैल्यू फिलहाल 400 बिलियन डॉलर है।

इस डील के तहत ओपनAI के मौजूदा और पूर्व कर्मचारियों ने अपने 6.6 बिलियन डॉलर के शेयर्स को बड़े निवेशकों—जिनमें Thrive Capital, SoftBank Group, Dragoneer Investment Group, Abu Dhabi की MGX और T. Rowe Price शामिल हैं—को बेचा।

साल की शुरुआत में जब कंपनी ने SoftBank के नेतृत्व में फंड रेज किया था, तब इसकी वैल्यूएशन 300 बिलियन डॉलर थी। लेकिन AI टेक्नोलॉजी में तेजी, डेटा सेंटर्स की मांग और AI सर्विसेज की बढ़ती लोकप्रियता ने इसकी ग्रोथ को रिकॉर्ड लेवल तक पहुंचा दिया है।

ओपनAI की वैल्यूएशन तेजी से बढ़ने के 3 बड़े कारण

  • रेवेन्यू ग्रोथ: 2025 की शुरुआत में कंपनी का सालाना रेवेन्यू दोगुना होकर 12 बिलियन डॉलर पहुंच गया। साल के अंत तक इसे 20 बिलियन डॉलर तक ले जाने का टारगेट है। मजबूत फाइनेंशियल परफॉर्मेंस निवेशकों को आकर्षित कर रही है।

  • बड़ा यूजर बेस: चैटGPT के 2 बिलियन एक्टिव यूजर्स हैं। कंपनी यूजर्स से $5 मासिक सब्सक्रिप्शन के जरिए रेवेन्यू जनरेट करती है। इस मॉडल से आने वाले समय में लगभग 120 बिलियन डॉलर का रेवेन्यू हासिल होने की उम्मीद है, जो Google और Facebook जैसे दिग्गजों के बराबर है।

  • AI मार्केट में लीडरशिप: GPT-5 जैसे एडवांस मॉडल्स और अमेरिकी सरकार के साथ साझेदारी ने ओपनAI को AI इंडस्ट्री का टॉप लीडर बना दिया है। यह कंपनी फिलहाल अपने प्रतिद्वंद्वियों Anthropic और xAI से काफी आगे है।

ओपनAI की नई रणनीतियाँ और AGI का लक्ष्य

नॉन-प्रॉफिट से फॉर-प्रॉफिट बनने की तैयारी

ओपनAI अब नॉन-प्रॉफिट से फॉर-प्रॉफिट कंपनी में बदलने की योजना बना रही है। इसके लिए माइक्रोसॉफ्ट के साथ मिलकर नई पब्लिक बेनीफिट कॉरपोरेशन बनाई जाएगी। इस बदलाव का उद्देश्य निवेशकों को आकर्षित करना और बड़े स्तर पर एआई इनोवेशन को बढ़ावा देना है। हालांकि, कंपनी को गूगल, एन्थ्रोपिक और मेटा जैसी कंपनियों से कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ रहा है, खासकर AI टैलेंट को अपने साथ जोड़ने में।

आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (AGI) हासिल करना अगला कदम

7 अगस्त को चैटGPT 5 के लॉन्च के मौके पर ओपनAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने बताया कि कंपनी का लंबी अवधि का लक्ष्य AGI हासिल करना है। AGI वह AI होगा जो इंसानों की तरह हर तरह के काम कर सके।

सैम ऑल्टमैन ने साथ ही यह चेतावनी भी दी कि अगर AGI को सही तरीके से मैनेज नहीं किया गया, तो यह खतरनाक साबित हो सकता है। उन्होंने कहा, “हमें नहीं पता कि यह तकनीक हमें कहां ले जाएगी। यह शानदार हो सकती है, लेकिन इसके रिस्क भी उतने ही बड़े हैं।”

Leave a Comment