साइबर लिटरेसी: पार्सल डिलीवरी स्कैम से बचें, ठगी पहचानने के 6 तरीके और सुरक्षा के 5 अहम उपाय

On: September 29, 2025
साइबर लिटरेसी: पार्सल डिलीवरी स्कैम से बचें, ठगी पहचानने के 6 तरीके और सुरक्षा के 5 अहम उपाय
आज के डिजिटल युग में ऑनलाइन शॉपिंग और कुरियर सेवाएं आम हो गई हैं, लेकिन साइबर ठग इसका भी फायदा उठा रहे हैं। हाल ही में हैदराबाद की 27 वर्षीय महिला पार्सल डिलीवरी स्कैम का शिकार हुई।
ठगों ने खुद को नकली कुरियर एजेंट बताकर कहा कि उसके विदेश में रहने वाले दोस्त ने उसके लिए महंगा गिफ्ट भेजा है, जिसमें डायमंड रिंग, सोना, कपड़े, पैसे और जूते शामिल हैं। कुछ ही देर बाद उसे कॉल आया कि पार्सल मुंबई एयरपोर्ट के कस्टम में फंस गया है और उसे छुड़ाने के लिए कस्टम और टैक्स के नाम पर पैसे देने होंगे। डर और दबाव में महिला ने कई ट्रांजैक्शन में लाखों रुपए भेज दिए। बाद में यह सामने आया कि यह पूरी योजना एक पार्सल डिलीवरी स्कैम थी।
साइबर लिटरेसी कॉलम में एक्सपर्ट राहुल मिश्रा (साइबर सिक्योरिटी, उत्तर प्रदेश पुलिस) बताते हैं कि इस स्कैम में ठग लोगों को कैसे फंसाते हैं, किन लोगों को टारगेट करते हैं और बचाव के तरीके क्या हैं।

 

पार्सल डिलीवरी स्कैम क्या है?
ठग खुद को विदेशी दोस्त, ऑनलाइन जान-पहचान वाला या कुरियर एजेंट बताकर आपके नाम से महंगा पार्सल भेजने का दावा करते हैं। इसके बाद कस्टम, टैक्स या डिलीवरी चार्ज के नाम पर पैसे ऐंठते हैं। यह आमतौर पर कॉल, ईमेल या वॉट्सएप मैसेज के जरिए किया जाता है।

 

ठग लोगों को कैसे फंसाते हैं?
  • सबसे पहले यकीन दिलाते हैं कि आपके लिए कोई महंगा गिफ्ट आया है।
  • कहते हैं कि पार्सल एयरपोर्ट पर फंसा है और उसे छुड़ाने के लिए तुरंत पेमेंट करना होगा।
  • कई बार धमकी देते हैं कि पैसे नहीं दिए तो पुलिस या इनकम टैक्स विभाग कार्रवाई करेगा।
  • डर और लालच में फंसकर लोग पैसे भेज देते हैं, और यही ठगों का मुख्य तरीका है।

 

सवाल: पार्सल डिलीवरी स्कैम के वॉर्निंग संकेत क्या हैं?
  • पार्सल डिलीवरी स्कैम में ठग अक्सर कुछ खास पैटर्न फॉलो करते हैं। इन संकेतों को पहचानकर आप समय रहते सतर्क हो सकते हैं।
  • पार्सल डिलीवरी स्कैम से बचने के तरीके क्या हैं?
  • पार्सल डिलीवरी स्कैम से बचने का सबसे जरूरी तरीका सतर्क रहना है। बिना पुष्टि किए कोई भी कदम न उठाएं। ठग अक्सर जल्दबाजी में निर्णय लेने के लिए दबाव डालते हैं, लेकिन आप समय लेकर पूरी जानकारी प्राप्त करें।
  • अनजान लिंक, कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें।
  • किसी भी भुगतान से पहले आधिकारिक सोर्स से पुष्टि जरूर करें।
  • अपनी पर्सनल जानकारी केवल भरोसेमंद प्लेटफॉर्म या व्यक्तियों के साथ ही साझा करें।
  • मोबाइल और ईमेल अकाउंट में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन सेट करें, ताकि अकाउंट हैक होने से बचा जा सके।

 

सवाल- अगर कोई इस स्कैम का शिकार हो जाए तो क्या करें?
  • अगर आप पार्सल डिलीवरी स्कैम के शिकार हो गए हैं तो घबराने की बजाय तुरंत कार्रवाई करें। सबसे पहले अपने बैंक या पेमेंट ऐप को सूचना देकर ट्रांजैक्शन ब्लॉक करवाएं।
  • इसके बाद 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in वेबसाइट पर जाकर शिकायत दर्ज करें। स्कैम से जुड़ी सारी चैट, कॉल रिकॉर्डिंग, स्क्रीनशॉट और ट्रांजैक्शन डिटेल सबूत के रूप में सुरक्षित रखें।
  • अपने सभी ऑनलाइन अकाउंट के पासवर्ड बदलें और मोबाइल/कंप्यूटर को एंटीवायरस से स्कैन करें। जितनी जल्दी रिपोर्ट करेंगे, पैसे वापस मिलने की और ठग पकड़े जाने की संभावना उतनी ही बढ़ जाएगी।

 

सवाल- पार्सल डिलीवरी स्कैम में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले माध्यम कौन से हैं?
  • इस स्कैम में ठग ज्यादातर वॉट्सएप, फेसबुक मैसेंजर, इंस्टाग्राम, ईमेल और मोबाइल कॉल का इस्तेमाल करते हैं। कई बार नकली वेबसाइट और फेक ट्रैकिंग लिंक भी भेजते हैं, जो असली कुरियर सर्विस जैसी दिखती हैं। इन माध्यमों से वे भरोसा जीतकर पेमेंट की मांग करते हैं।
  • पार्सल डिलीवरी स्कैम में ठग किन लोगों को ज्यादा टारगेट करते हैं?
  • पार्सल डिलीवरी स्कैम में ठग किसी एक वर्ग को नहीं, बल्कि सभी लोगों को निशाना बनाते हैं। लेकिन कुछ खास वर्ग के लोग इसका शिकार आसानी से बन जाते हैं।
  • ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले लोग: जो अक्सर अमेजन, फ्लिपकार्ट या इंटरनेशनल वेबसाइट्स से सामान मंगाते हैं, उन्हें यह यकीन दिलाना आसान होता है कि उनके लिए कोई असली पार्सल आया है।
  • सोशल मीडिया पर एक्टिव लोग: जिनके प्रोफाइल पर उनकी पसंद, शौक और लाइफस्टाइल साफ दिखती है, उन्हें ठग महंगे गिफ्ट का लालच देकर फंसा लेते हैं।
  • जिनके रिश्तेदार या दोस्त विदेश में है: ठग अक्सर यह बहाना बनाते हैं कि आपके विदेश में रहने वाले दोस्त या परिचित ने गिफ्ट भेजा है। जिनका सचमुच विदेश से कोई कनेक्शन होता है, वे तुरंत भरोसा कर लेते हैं।
  • बुजुर्ग और टेक्नोलॉजी में कमजोर लोग: जिन्हें साइबर फ्रॉड या नकली लिंक की पहचान नहीं होती, वे डर और विश्वास के कारण ठगी का शिकार बन जाते हैं।

 

सवाल- क्या इस स्कैम में सिर्फ पैसों का नुकसान होता है या और भी खतरे हैं?
  • पार्सल डिलीवरी स्कैम को सिर्फ पैसों की ठगी मानना बड़ी भूल है। यह इससे कहीं ज्यादा खतरनाक हो सकता है।
  • पर्सनल डेटा चोरी: ठग अक्सर पेमेंट के साथ आधार, पैन, एड्रेस, मोबाइल नंबर जैसी जानकारी भी ले लेते हैं। इससे आपकी आइडेंटिटी का गलत इस्तेमाल हो सकता है।
  • आइडेंटिटी फ्रॉड: आपके नाम से बैंक अकाउंट खोले जा सकते हैं, फर्जी लोन लिए जा सकते हैं या किसी और अपराध में आपका नाम इस्तेमाल हो सकता है।
  • सोशल मीडिया हैकिंग: कई बार वे आपको किसी लिंक पर क्लिक करने के लिए कहते हैं, जिससे आपके ईमेल या सोशल मीडिया अकाउंट का कंट्रोल उनके पास चला जाता है।
  • ब्लैकमेलिंग का खतरा: ठग आपकी चैट, फोटो या पर्सनल डिटेल्स का इस्तेमाल कर आगे और पैसे ऐंठ सकते हैं।

 

इसे ऐसे समझिए कि पार्सल डिलीवरी स्कैम सिर्फ आपकी जेब खाली नहीं करता, बल्कि आपके डिजिटल और निजी जीवन को भी खतरे में डाल देता है।

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