Mumbai Doctor Duped In eSIM Scam: जानिए कैसे eSIM अपडेट के नाम पर 11 लाख की ठगी हुई

On: November 10, 2025

साउथ मुंबई में ई-सिम फ्रॉड: डॉक्टर से 11 लाख रुपए की ठगी, टेलिकॉम रिप्रेजेंटेटिव बनकर दिया झांसा

डिजिटल टेक्नोलॉजी जितनी तेजी से आगे बढ़ रही है, साइबर ठग उतनी ही तेजी से नए-नए तरीके खोज रहे हैं। मोबाइल दुनिया में ई-सिम का इस्तेमाल बढ़ा है और इसी बहाने साइबर फ्रॉडस्टर्स अब लोगों की मेहनत की कमाई पर हाथ साफ कर रहे हैं। साउथ मुंबई में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां ई-सिम अपग्रेड के नाम पर एक डॉक्टर को करीब 11 लाख रुपए की चपत लग गई। यह घटना एक चेतावनी है कि डिजिटल सुविधाएं जरूर आसान हैं, लेकिन गलत क्लिक और गलत भरोसा आपके बैंक अकाउंट को खाली कर सकता है।

क्या है मामला

साउथ मुंबई के एक डॉक्टर को एक कॉल आया। कॉलर ने खुद को टेलिकॉम कंपनी का प्रतिनिधि बताया और कहा कि उन्हें अपना फिजिकल सिम ई-सिम में अपग्रेड करना होगा। डॉक्टर ने इस प्रक्रिया को सही समझकर कॉलर की बात मान ली और ऐप के जरिए ई-सिम रिक्वेस्ट डाल दी। इसके बाद उन्हें एक OTP मिला, जिसे उन्होंने कॉलर के कहने पर साझा कर दिया। बस, यहीं से खेल शुरू हुआ।

OTP मिलते ही स्कैमर ने डॉक्टर का सिम बंद करवा दिया और उसी नंबर का ई-सिम अपनी डिवाइस में एक्टिवेट कर लिया। इसके बाद ठग डॉक्टर के ईमेल और बैंक अकाउंट तक पहुंच गया और दो दिनों में करीब 10.5 लाख रुपए उड़ाए। मामले में पुलिस ने पुणे से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने अपना बैंक खाता फ्रॉडस्टर्स को किराए पर दे रखा था। मुख्य आरोपी की तलाश जारी है।

ई-सिम क्या है और कैसे काम करता है

ई-सिम यानी Embedded Subscriber Identity Module — यह एक डिजिटल सिम होता है जो मोबाइल में इनबिल्ट होता है। टेलिकॉम कंपनी QR कोड या एक्टिवेशन कोड भेजती है, जिसे स्कैन करने पर मोबाइल में नेटवर्क प्रोफाइल डाउनलोड हो जाती है और आपका नंबर एक्टिव हो जाता है।

फ्रॉड कैसे किया जाता है

साइबर अपराधी खुद को टेलिकॉम कंपनी का प्रतिनिधि बताकर कॉल करते हैं। अपग्रेड या कन्वर्जन का बहाना बनाकर OTP ले लेते हैं। OTP मिलते ही वे सिम ट्रांसफर कर लेते हैं और यूजर के मोबाइल नंबर पर पूरा कंट्रोल हासिल कर लेते हैं। इसके बाद ईमेल, बैंक और UPI अकाउंट तक पहुंच संभव हो जाती है।

ई-सिम रिक्वेस्ट कॉल असली है या नकली, कैसे पहचानें

  • टेलिकॉम कंपनियां ई-सिम कन्वर्जन के लिए कॉल नहीं करतीं

  • OTP, QR कोड या लिंक मांगा जाए तो यह स्कैम है

  • खुद कंपनी के आधिकारिक कस्टमर केयर पर कॉल करके पुष्टि करें

ई-सिम एक्टिवेशन की असली प्रक्रिया

  • डिवाइस eSIM सपोर्टेड होना जरूरी

  • *#06# डायल कर EID चेक करें

  • QR कोड रजिस्टर्ड ईमेल पर आता है

  • प्रोफाइल डाउनलोड के लिए Wi-Fi जरूरी

ई-सिम स्कैम से कैसे बचें

  • अनजान कॉल पर भरोसा न करें

  • किसी के साथ OTP, PIN, पासवर्ड या QR कोड शेयर न करें

  • केवल आधिकारिक वेबसाइट, ऐप या स्टोर से ही ई-सिम प्रोसेस करें

  • टू-स्टेप वेरिफिकेशन और स्ट्रॉन्ग पासवर्ड सेट करें

फ्रॉड के संकेत

  • किसी सरकारी/टेलिकॉम अधिकारी बनकर तुरंत कार्रवाई का दबाव डालना

  • लिंक या QR कोड भेजकर तत्काल स्कैन करने को कहना

  • OTP बताने की मांग करना

अगर गलती हो जाए तो क्या करें

  • तुरंत सिम/ई-सिम ब्लॉक करवाएं

  • बैंक, UPI और ईमेल के पासवर्ड बदलें

  • पुलिस और साइबर पोर्टल पर शिकायत करें (cybercrime.gov.in)

यह सुविधा सुरक्षित है या नहीं

ई-सिम सुविधा पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन तभी जब इसे आप आधिकारिक स्टोर, ऐप या वेबसाइट से सक्रिय करें। धोखा कॉल, लिंक या QR कोड पर भरोसा करना ही सबसे बड़ी गलती है।


डिजिटल दुनिया में सुविधा और खतरा दोनों साथ चलते हैं। तकनीक से डरने की जरूरत नहीं, बल्कि जागरूक रहने की जरूरत है। याद रखें, साइबर फ्रॉड में अपराधी आपकी एक गलती का इंतजार करते हैं। सावधान रहें, सतर्क रहें और किसी भी तरह का OTP, PIN या QR कोड किसी के साथ साझा न करें।

Mumbai Doctor Duped In eSIM Scam: जानिए कैसे eSIM अपडेट के नाम पर 11 लाख की ठगी हुई

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