आज के समय में अचानक आने वाले खर्चों या ज़रूरतों के लिए पर्सनल लोन सबसे आसान विकल्प बन चुका है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बैंक हर किसी को लोन नहीं देते? लोन देने से पहले बैंक कुछ खास बातों की जांच करते हैं, जिन पर आपके लोन के मंजूर या रिजेक्ट होने का फैसला निर्भर करता है। अगर आप जल्द ही पर्सनल लोन लेने की सोच रहे हैं, तो इन 5 बातों को जरूर जान लें।
1. इनकम और नौकरी की स्थिरता सबसे अहम
बैंक सबसे पहले आपकी कमाई और नौकरी की स्थिरता पर नजर डालते हैं। अगर आपकी सैलरी अच्छी है और नौकरी स्थायी है, तो लोन मिलने की संभावना ज्यादा रहती है।
अगर आप किसी कंपनी में लगातार 2 साल या उससे अधिक समय से काम कर रहे हैं, तो यह आपके लिए प्लस पॉइंट साबित होता है। बैंक ऐसे ग्राहकों को कम जोखिम वाला मानते हैं।
वहीं, सेल्फ-एम्प्लॉयड लोगों के लिए टैक्स रिटर्न या बिजनेस प्रूफ दिखाना जरूरी होता है। उदाहरण के लिए, 50,000 रुपये मासिक कमाने वाले व्यक्ति को लोन आसानी से मिल सकता है, जबकि बार-बार नौकरी बदलने वालों को मुश्किलें आ सकती हैं।
2. क्रेडिट स्कोर और पुरानी लोन हिस्ट्री
आपका क्रेडिट स्कोर (CIBIL Score) लोन अप्रूवल में सबसे बड़ा रोल निभाता है। 750 या उससे ज्यादा स्कोर अच्छा माना जाता है, जो बताता है कि आप समय पर अपने पुराने लोन चुकाते हैं।
अगर आपका स्कोर 800 के आसपास है, तो आपको कम ब्याज दर पर लोन मिल सकता है। लेकिन 600 से नीचे का स्कोर होने पर बैंक आपका आवेदन अस्वीकार भी कर सकते हैं।
लेट पेमेंट, डिफॉल्ट या बार-बार नए लोन अप्लाई करने से स्कोर गिर जाता है, जिससे लोन मिलने में दिक्कत आती है।
3. मौजूदा कर्ज और EMI का लोड
बैंक यह भी देखते हैं कि आपकी आय का कितना हिस्सा पहले से EMI में जा रहा है। अगर आपकी डेब्ट-टू-इनकम रेशियो 40-50% से ज्यादा है, तो नया लोन पास होना मुश्किल हो सकता है।
उदाहरण के तौर पर, अगर आपकी सैलरी 50,000 रुपये है और आप पहले से 25,000 रुपये EMI चुका रहे हैं, तो बैंक नया लोन देने से हिचकिचा सकते हैं।
एक साथ कई लोन चल रहे हों तो बैंक इसे रिस्की मानकर आवेदन रिजेक्ट कर सकते हैं।
4. उम्र और चुकाने की क्षमता भी मायने रखती है
बैंक आमतौर पर 21 से 60 वर्ष की उम्र के लोगों को पर्सनल लोन देते हैं।
कम उम्र के व्यक्तियों को ज्यादा टेन्योर दिया जाता है क्योंकि उनके पास कमाने के साल ज्यादा होते हैं। वहीं, 50 साल से ऊपर के लोगों को कम अवधि का लोन दिया जाता है।
उदाहरण के लिए, 25 साल के व्यक्ति को 7 साल का लोन आसानी से मिल सकता है, जबकि 55 साल के व्यक्ति को केवल 3-4 साल की अवधि का लोन ही मंजूर होता है।
5. कंपनी की प्रोफाइल और पेशा भी अहम फैक्टर
अगर आप किसी नामचीन कंपनी में काम करते हैं या किसी प्रोफेशनल फील्ड (जैसे डॉक्टर, इंजीनियर, चार्टर्ड अकाउंटेंट) से जुड़े हैं, तो बैंक आपको प्राथमिकता देते हैं।
आपकी कंपनी और क्वालिफिकेशन जितनी मजबूत होगी, लोन अप्रूवल की संभावना उतनी ही ज्यादा होगी। इसलिए एप्लिकेशन में अपनी कंपनी और पेशे की डिटेल्स जरूर हाइलाइट करें।
निष्कर्ष:
पर्सनल लोन लेना जितना आसान दिखता है, उतना ही जरूरी है कि आप अपनी वित्तीय स्थिति, क्रेडिट स्कोर और नौकरी की स्थिरता पर ध्यान दें। इन पांच बातों को ध्यान में रखकर आप न केवल लोन जल्दी अप्रूव करा सकते हैं, बल्कि बेहतर ब्याज दर पर फंड भी प्राप्त कर सकते हैं।





