अब चेक क्लियरेंस में नहीं लगेगा वक्त: बैंकों ने नए सिस्टम का ट्रायल शुरू किया, कुछ घंटों में होगा प्रोसेस

On: October 3, 2025

RBI का बड़ा बदलाव: अब चेक कुछ घंटों में क्लियर होगा, बैंकों ने आज से शुरू किया नया सिस्टम

नई दिल्ली | 3 अक्टूबर 2025:
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) चेक क्लियरेंस सिस्टम में क्रांतिकारी बदलाव करने जा रहा है। 4 अक्टूबर से लागू हो रहे इस नए नियम के तहत अब चेक क्लियर होने में 2 दिन नहीं, बल्कि सिर्फ कुछ घंटे लगेंगे।

इस नए सिस्टम को नाम दिया गया है — ‘Continuous Clearing and Settlement’। इसके तहत चेक को स्कैन करके तुरंत प्रोसेस किया जाएगा और बैंकिंग आवर्स के भीतर ही सेटलमेंट भी हो जाएगा।

क्या है नया सिस्टम?
  • बैंक चेक को स्कैन करेंगे और रियल टाइम में क्लियरेंस के लिए भेजेंगे।

  • क्लियरेंस प्रोसेस लगातार (कंटीन्युअस) चलेगा — जैसे ही चेक जमा होगा, प्रोसेस शुरू हो जाएगा।

  • पूरी प्रक्रिया अब बैंक के कामकाजी घंटों के भीतर पूरी हो सकेगी।

बैंकों ने आज (3 अक्टूबर) से इसका ट्रायल रन शुरू कर दिया है, ताकि सिस्टम को लागू करने से पहले तकनीकी और ऑपरेशनल पहलुओं को परखा जा सके।

ग्राहकों को क्या ध्यान रखना होगा?

HDFC Bank, ICICI Bank और अन्य प्रमुख निजी बैंकों ने ग्राहकों को इस बदलाव के बारे में सूचित करते हुए कुछ जरूरी निर्देश भी जारी किए हैं:

  • सुनिश्चित करें कि अकाउंट में पर्याप्त बैलेंस हो, ताकि चेक बाउंस न हो।

  • चेक पर दी गई जानकारी — जैसे दिनांक, हस्ताक्षर, अमाउंट, अकाउंट नंबर आदि — पूरी तरह से सही और स्पष्ट हो।

  • गलत या अधूरी जानकारी के कारण चेक रिजेक्ट हो सकता है या प्रोसेसिंग में देरी हो सकती है।

 

अब क्या बदल जाएगा?
पुराना सिस्टम नया सिस्टम (4 अक्टूबर से)
चेक क्लियरेंस में 1-2 दिन लगते थे चेक कुछ ही घंटों में क्लियर हो जाएगा
लिमिटेड क्लियरेंस विंडो कंटीन्युअस क्लियरेंस एंड सेटलमेंट
ग्राहकों को इंतजार करना पड़ता था फास्ट और समयबद्ध सेटलमेंट

 

₹50,000 से ज्यादा के चेक के लिए अब 24 घंटे पहले देनी होंगी डिटेल्स, बैंक ने ग्राहकों से ‘Positive Pay System’ अपनाने को कहा

नई दिल्ली |
बैंकों ने ग्राहकों को आगाह किया है कि अगर आप ₹50,000 से ज्यादा का चेक जमा कर रहे हैं, तो आपको अब उसके लिए कुछ जरूरी जानकारी कम से कम 24 घंटे पहले बैंक को देनी होगी। यह प्रक्रिया ‘Positive Pay System’ के तहत लागू की जा रही है, जिसका उद्देश्य है — धोखाधड़ी को रोकना और चेक सुरक्षा को मजबूत बनाना।

क्या है Positive Pay System?

Positive Pay System के तहत ग्राहक को चेक जमा करने से पहले कुछ अहम डिटेल्स बैंक को प्री-इनफॉर्म करनी होती हैं:

  • अकाउंट नंबर

  • चेक नंबर

  • चेक की तारीख

  • अमाउंट

  • पेयी का नाम (जिसे चेक दिया गया है)

ये सारी जानकारी ग्राहक को कम से कम 24 वर्किंग घंटे पहले बैंक को देनी होगी — यह मोबाइल ऐप, नेट बैंकिंग या ब्रांच के जरिए दी जा सकती है।

कैसे काम करता है ये सिस्टम?

जब चेक बैंक में जमा होगा, तो बैंक उस चेक की जानकारी को पहले से दी गई डिटेल्स से मैच करेगा। अगर सारी डिटेल्स मेल खाती हैं, तो चेक क्लियर हो जाएगा। यदि कोई जानकारी मेल नहीं खाती, तो चेक रिजेक्ट हो सकता है, और ग्राहक को नई जानकारी दोबारा देनी होगी।

सवाल-जवाब में समझें ये बदलाव
सवाल 1: क्या अब चेक का पैसा उसी दिन मिल जाएगा?

हां, अधिकतर मामलों में ऐसा संभव होगा। यदि आप चेक को सुबह के समय जमा करते हैं, तो वह दोपहर या शाम तक प्रोसेस होकर आपके अकाउंट में ट्रांसफर हो सकता है। यह संभव हुआ है चेक ट्रंकेशन सिस्टम (CTS) को तेज और स्मार्ट बनाए जाने की वजह से।

सवाल 2: CTS (Cheque Truncation System) क्या होता है?

CTS एक डिजिटल प्रोसेस है जिसमें चेक की फिजिकल कॉपी को एक जगह से दूसरी जगह भेजने की जरूरत नहीं होती।
इसके बजाय, बैंक चेक को स्कैन करके उसकी डिजिटल इमेज बनाता है और उसे प्रोसेस करता है।
हालांकि ड्रॉप बॉक्स या ऑटोमेटेड टेलर मशीन (ATM) के जरिए जमा किए गए चेक में अब भी आमतौर पर दो वर्किंग डे का समय लग सकता है। लेकिन RBI के नए सुधारों से अब यह प्रोसेसिंग और तेज की जा रही है।

नया क्या है? एक नज़र में
बदलाव पहले अब
चेक क्लियरेंस टाइम 1–2 वर्किंग डेज़ कुछ ही घंटों में
₹50,000+ चेक के लिए जानकारी अनिवार्य नहीं अब 24 घंटे पहले देना ज़रूरी
प्रोसेसिंग सिस्टम CTS (बेसिक) CTS + Continuous Clearing
धोखाधड़ी रोकथाम सीमित Positive Pay से मजबूत नियंत्रण

 

RBI का नया चेक क्लीयरेंस सिस्टम: सवाल-जवाब में जानिए हर जरूरी बात

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने चेक क्लीयरेंस सिस्टम को ज्यादा तेज, पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए नया नियम लागू किया है। यहां जानिए इससे जुड़े सभी सवालों के जवाब:

सवाल 3: नया चेक क्लीयरेंस सिस्टम कैसे काम करेगा?

अगर आप सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे के बीच चेक जमा करते हैं, तो वह तुरंत स्कैन होकर क्लीयरेंस के लिए भेज दिया जाएगा।

  • सुबह 11 बजे से हर घंटे बैंकों के बीच सेटलमेंट होगा।

  • जिस बैंक को पेमेंट करनी है, उसे शाम 7 बजे तक कन्फर्म करना होगा।

  • अगर बैंक समय पर जवाब नहीं देता, तो चेक अपने आप अप्रूव हो जाएगा।

सवाल 4: क्या ये नियम पूरे देश में लागू होंगे?

जी हां, RBI ने देश को तीन क्लियरिंग ग्रिड्स में बांटा है — दिल्ली, मुंबई और चेन्नई।
इन ग्रिड्स के तहत आने वाली सभी बैंक शाखाओं पर ये नियम लागू होंगे। यानी, यह सिस्टम देशभर में एक जैसा होगा।

सवाल 5: RBI इसे कैसे लागू कर रहा है? (फेज वाइज)
  • फेज 1:
    ⏳ 4 अक्टूबर 2025 से 2 जनवरी 2026 तक
    बैंकों को शाम 7 बजे तक चेक कन्फर्म करना होगा।

  • फेज 2:
    ⏳ 3 जनवरी 2026 से
    बैंकों को चेक क्लीयरेंस का जवाब सिर्फ 3 घंटे के भीतर देना होगा।

सवाल 6: क्या इसके लिए कोई नया चार्ज लगेगा?


फिलहाल नहीं।
RBI ने इस सिस्टम को तेज और आसान बनाने पर फोकस किया है, न कि अतिरिक्त चार्ज लगाने पर। हालांकि, भविष्य में बैंकों की नीतियों के अनुसार मामूली सर्विस फीस लगाई जा सकती है, लेकिन इस पर अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है।

सवाल 7: RBI ने यह कदम क्यों उठाया है?
  • इस कदम का उद्देश्य है डिजिटल इंडिया मिशन को और मजबूती देना।

  • इससे चेक ट्रांजैक्शन का भरोसा और स्पीड बढ़ेगा।

  • ग्राहक डिजिटल पेमेंट्स के साथ-साथ चेक का भी अधिक आत्मविश्वास से इस्तेमाल कर पाएंगे।

  • यह बैंकिंग सिस्टम को आधुनिक, विश्वसनीय और सुरक्षित बनाएगा।

संक्षेप में: नया सिस्टम क्या बदलेगा?
पहले अब
चेक क्लियरेंस में 1–2 दिन लगते थे कुछ ही घंटों में प्रोसेसिंग
बैंकों के पास जवाब देने का समय नहीं तय था अब 7 बजे तक जवाब देना होगा
CTS धीमी गति से काम करता था अब Continuous Settlement से तेज गति
देशभर में अलग-अलग प्रक्रिया अब सभी जगह एक जैसा सिस्टम

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