फिनटेक कंपनी PhonePe ने भारत में पहली बार UPI इंटरनेशनल पेमेंट सर्विस शुरू करने की तैयारी की है। अब भारतीय यूजर्स UAE, सिंगापुर, नेपाल और भूटान जैसे देशों में जाकर भी अपने फोनपे ऐप से इंटरनेशनल मर्चेंट को सीधे पेमेंट कर सकेंगे। इसके लिए बस ऐप में “UPI International” फीचर को एक्टिवेट करना होगा।
फोनपे का कहना है कि यूजर्स अब अपने भारतीय बैंक अकाउंट से विदेशी मुद्रा में भुगतान कर पाएंगे, बिल्कुल वैसे ही जैसे वे इंटरनेशनल डेबिट कार्ड से करते हैं। कंपनी के CTO राहुल चारी के मुताबिक यह फीचर भारतीयों के विदेश में पेमेंट करने के तरीके को बदल देगा और एक “गेमचेंजर” साबित होगा।
आने वाले महीनों में अन्य फिनटेक ऐप्स भी क्रॉस-बॉर्डर UPI पेमेंट सर्विस शुरू करने की तैयारी में हैं। फिलहाल भारत के UPI मार्केट में PhonePe की हिस्सेदारी 49% है, इसके बाद Google Pay 34%, Paytm 11% और CRED Pay 1.8% हिस्सेदारी के साथ मौजूद हैं।
यह कदम न केवल भारतीय यूजर्स के लिए सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि भारत के NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) के लिए भी एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय प्रयोग साबित हो सकता है, ताकि विदेशों में भी UPI पेमेंट को व्यापक रूप से अपनाया जा सके।
2016 में UPI की लॉन्चिंग ने भारत में डिजिटल पेमेंट की दुनिया में क्रांति ला दी। इसने लोगों को सीधे अपने बैंक अकाउंट से पैसे ट्रांसफर करने की सुविधा दी, जिससे डिजिटल वॉलेट की झंझट काफी हद तक खत्म हो गई। पहले वॉलेट यूज करने के लिए KYC जैसी प्रक्रिया जरूरी थी, जबकि UPI में किसी अतिरिक्त वेरिफिकेशन या बैलेंस ट्रांसफर की जरूरत नहीं होती — पैसा सीधे बैंक से बैंक में जाता है।
UPI को नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ऑपरेट करती है। भारत में जहां RTGS और NEFT सिस्टम का संचालन रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) करता है, वहीं IMPS, RuPay और UPI जैसे डिजिटल पेमेंट नेटवर्क NPCI के नियंत्रण में हैं।
सरकार ने 1 जनवरी 2020 से UPI ट्रांजैक्शन पर जीरो चार्ज फ्रेमवर्क लागू किया, ताकि लोगों को डिजिटल पेमेंट के लिए किसी तरह का ट्रांजैक्शन शुल्क न देना पड़े। इस फैसले ने UPI को सबसे लोकप्रिय पेमेंट सिस्टम बना दिया और आज यह हर महीने अरबों ट्रांजैक्शन प्रोसेस करता है।





